सांवरिया ले चल परली पार लिरिक्स | Sawariya Le Chal Parli Paar Lyrics

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सांवरिया ले चल परली पार लिरिक्स – Sawariya Le Chal Parli Paar Lyrics

Sawariya Le Chal Parli Paar Lyrics in Hindi: ब्रज की महारानी श्री किशोरी जी (राधा रानी) और ठाकुर साँवरिया सरकार के प्रेम में आकंठ डूबा हुआ यह अत्यंत भावपूर्ण और प्रसिद्ध भजन “सांवरिया ले चल परली पार, जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार” हर भक्त के हृदय को द्रवित कर देता है। पूज्य देवी चित्रलेखा जी और अन्य रसिक संतों द्वारा गाए जाने के बाद यह भजन सत्संगों और संकीर्तनों में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया जाता है।

इस भजन में भक्त सांसारिक मोह-माया के इस किनारे से छूटकर उस पार (नित्य गोलोक धाम / बरसाना) जाने की गुहार लगाता है, जहाँ लाडली श्री राधा रानी का अखंड राज्य है।

यहाँ इस मधुर भजन के संपूर्ण और शुद्ध बोल (Lyrics) हिंदी और इंग्लिश (Hinglish) में प्रस्तुत हैं:


भजन का संक्षिप्त परिचय (Bhajan Overview):

विवरणजानकारी
भजन का नाम:सांवरिया ले चल परली पार
समर्पित:श्री राधा रानी (अलबेली सरकार) एवं श्री कृष्ण
भाव:विरह, समर्पण, दैन्य भाव और नित्य धाम गमन
प्रसिद्ध गायिका:पूज्य देवी चित्रलेखा जी / पूज्य जया किशोरी जी
भाषा:ब्रज मिश्रित हिंदी (Hindi / Brajbhasha)

सांवरिया ले चल परली पार लिरिक्स (शुद्ध हिंदी में)

स्थायी:
सांवरिया ले चल परली पार,
सांवरिया ले चल परली पार,
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार!
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार! 🌸🪷

अंतरा १:
गुण-अवगुण सब तेरे अर्पण,
पाप-पुण्य सब तेरे अर्पण!
गुण-अवगुण सब तेरे अर्पण,
पाप-पुण्य सब तेरे अर्पण!
यह जीवन भी तेरे अर्पण,
मैं तेरे चरणों की दासी, मेरे प्राण आधार!
सांवरिया ले चल परली पार,
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार… 💖🙏

अंतरा २:
तेरी आस लगा बैठी हूँ,
अखियाँ खूब थका बैठी हूँ!
तेरी आस लगा बैठी हूँ,
अखियाँ खूब थका बैठी हूँ!
मैं अपना आप लुटा बैठी हूँ,
सांवरिया मैं तेरी रागिनी, तू मेरा मल्हार!
सांवरिया ले चल परली पार,
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार… 🦚🎶

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अंतरा ३:
तेरे बिन कोई चाह नहीं है,
जग की कुछ परवाह नहीं है!
तेरे बिन कोई चाह नहीं है,
जग की कुछ परवाह नहीं है!
कोई सूझती राह नहीं है,
मेरे प्रीतम, मेरे माझी, मेरा कर दो बेड़ा पार!
सांवरिया ले चल परली पार,
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार… ⛵🕊️

अंतरा ४:
आनंद घन यहाँ बरस रहा है,
पत्ता-पत्ता हर्ष रहा है!
आनंद घन यहाँ बरस रहा है,
पत्ता-पत्ता हर्ष रहा है!
हरि बेचारा तरस रहा है,
बहुत हुआ अब हार गई मैं, मेरा कर दो बेड़ा पार!

सांवरिया ले चल परली पार,
सांवरिया ले चल परली पार,
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार!
जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार… ❤️🪈

Sawariya Le Chal Parli Paar Lyrics in English (Hinglish)

Sthayi:
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar!
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar!

Antara 1:
Gun-Avguna Sab Tere Arpan,
Paap-Punya Sab Tere Arpan!
Gun-Avguna Sab Tere Arpan,
Paap-Punya Sab Tere Arpan!
Yeh Jeevan Bhi Tere Arpan,
Main Tere Charnon Ki Daasi, Mere Praan Aadhaar!
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar…

Antara 2:
Teri Aas Laga Baithi Hoon,
Akhiyan Khoob Thaka Baithi Hoon!
Teri Aas Laga Baithi Hoon,
Akhiyan Khoob Thaka Baithi Hoon!
Main Apna Aap Luta Baithi Hoon,
Sawariya Main Teri Ragini, Tu Mera Malhaar!
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar…

Antara 3:
Tere Bin Koi Chaah Nahi Hai,
Jag Ki Kuch Parwaah Nahi Hai!
Tere Bin Koi Chaah Nahi Hai,
Jag Ki Kuch Parwaah Nahi Hai!
Koi Soojhti Raah Nahi Hai,
Mere Preetam, Mere Maajhi, Mera Kar Do Beda Paar!
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar…

Antara 4:
Anand Ghan Yahan Baras Raha Hai,
Patta-Patta Harsh Raha Hai!
Anand Ghan Yahan Baras Raha Hai,
Patta-Patta Harsh Raha Hai!
Hari Bechara Taras Raha Hai,
Bahut Hua Ab Haar Gayi Main, Mera Kar Do Beda Paar!

Sawariya Le Chal Parli Paar,
Sawariya Le Chal Parli Paar,
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar!
Jahan Viraje Radha Rani Meri Albeli Sarkar…

Shree Krsihna Ke Naya Bhajan Lyrics

भजन का सुंदर भावार्थ (Spiritual Essence):

  • “परली पार” का रहस्य: ‘परली पार’ का अर्थ है इस नश्वर, दुखों से भरे संसार के उस पार—जहाँ श्री राधा रानी की कृपा की वर्षा होती है और जीवात्मा को प्रभु के चरणों में नित्य सेवा का सुख प्राप्त होता है।

  • पूर्ण समर्पण (Surrender): जीवात्मा अपने सारे गुण, दोष, पाप और पुण्य सब प्रभु के चरणों में समर्पित कर देती है। जब तक मनुष्य अपने कर्तापन को नहीं छोड़ता, तब तक प्रभु नैया नहीं खेते।

  • अलबेली सरकार की दया: बरसाने वाली श्री राधा रानी अत्यंत करुणामयी हैं। यदि साँवरिया कन्हैया सिफारिश कर दें, तो राधा रानी जीवात्मा को तुरंत अपना लेती हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

प्रश्न १: “अलबेली सरकार” किसे कहा गया है?
उत्तर: इस भजन में “अलबेली सरकार” शब्द वृषभानु दुलारी श्री राधा रानी के लिए अत्यंत लाड़ और भक्ति से प्रयोग किया गया है।

प्रश्न २: इस भजन को गाने का सबसे उत्तम अवसर कौन सा है?
उत्तर: राधाष्टमी, शरद पूर्णिमा, एकादशी और ब्रज यात्रा (बरसाना-वृंदावन दर्शन) के समय इस भजन का गायन मन को अपार शांति और भगवद कृपा प्रदान करता है।

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