मेरे अंगना में आये शालिग्राम | Mere Angana Mein Aaye Shaligram Lyrics

Mere Angana Mein Aaye Shaligram Lyrics in Hindi

मेरे अंगना में आये शालिग्राम ब्याहने तुलसी को लिरिक्स | Mere Angana Mein Aaye Shaligram Lyrics in Hindi & English

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक पूरे देश में तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) का पावन उत्सव अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के पावन स्वरूप शालिग्राम जी और माता तुलसी (वृंदा देवी) का विवाह संपन्न कराया जाता है।

तुलसी विवाह के समय महिला मंडलों और घरों में ढोलक और मंजीरे के साथ गाए जाने वाले भजनों में “मेरे अंगना में आये शालिग्राम ब्याहने तुलसी को” भजन सबसे अधिक लोकप्रिय और आनंददायक है। इस भजन में वर्णन है कि किस प्रकार शालिग्राम जी की बारात में समस्त देवी-देवता पधारते हैं और पूरे घर में चारों धाम का आनंद छा जाता है।

🪔 मेरे अंगना में आये शालिग्राम ब्याहने तुलसी को लिरिक्स (हिन्दी में)

मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ।
मेरे अंगना में आए शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

शिव जी को लाये, साथ गौरा को लाये ।
मेरे होते सफल सब काम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

ब्रह्मा जी को लाए, साथ ब्रह्माणी को लाए ।
सब झुक झुक करें प्रणाम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

विष्णु जी को लाए, साथ लक्ष्मी जी को लाए ।
मेरे घर में विराजे चारों धाम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

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गणपति को लाए, संग में रिद्धि सिद्धि को लाए ।
मेरे होते सफल सब काम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

राम जी को लाए, साथ सीता जी को लाए ।
मेरे पूरण हुए सब काम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आये शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

श्याम जी को लाए, साथ राधा जी को लाए ।
मेरे घर में मची है धूम धाम, ब्याहने तुलसी को…
मेरे अंगना में आए शालिग्राम, ब्याहने तुलसी को ॥

Mere Angana Mein Aaye Shaligram Lyrics in English

Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Shiv Ji Ko Laaye, Saath Gaura Ko Laaye,
Mere Hote Safal Sab Kaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Brahma Ji Ko Laaye, Saath Brahmaani Ko Laaye,
Sab Jhuk Jhuk Karein Pranaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Vishnu Ji Ko Laaye, Saath Lakshmi Ji Ko Laaye,
Mere Ghar Mein Viraaje Chaaron Dhaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Ganpati Ko Laaye, Sang Mein Riddhi Siddhi Ko Laaye,
Mere Hote Safal Sab Kaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Ram Ji Ko Laaye, Saath Sita Ji Ko Laaye,
Mere Pooran Hue Sab Kaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

Shyam Ji Ko Laaye, Saath Radha Ji Ko Laaye,
Mere Ghar Mein Machi Hai Dhoom Dhaam, Byaahne Tulsi Ko…
Mere Angana Mein Aaye Shaaligram, Byaahne Tulsi Ko.

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🌸 तुलसी विवाह का धार्मिक महत्व एवं महिमा

कन्यादान का महापुण्य:
शास्त्रों के अनुसार, जिन दम्पतियों के यहाँ कन्या नहीं होती, वे यदि श्रद्धापूर्वक तुलसी विवाह संपन्न कराते हैं, तो उन्हें साक्षात कन्यादान करने के समान असीम पुण्यफल प्राप्त होता है।

वैवाहिक जीवन में सुख-शांति:
तुलसी-शालिग्राम के विवाह से घर में विद्यमान समस्त प्रकार के वास्तुदोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा दांपत्य जीवन में सदैव प्रेम और सामंजस्य बना रहता है।

मांगलिक कार्यों का प्रारंभ:
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु चार मास के योग-निद्रा (चातुर्मास) से जागते हैं, जिसके बाद विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न १: तुलसी विवाह कब किया जाता है?
उत्तर: तुलसी विवाह प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवउठनी एकादशी) से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक के शुभ दिनों में किया जाता है।

प्रश्न २: तुलसी जी का विवाह किसके साथ कराया जाता है?
उत्तर: तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु के शिला स्वरूप श्री शालिग्राम जी के साथ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया जाता है।

प्रश्न ३: क्या तुलसी विवाह में कन्यादान की रस्म होती है?
उत्तर: हाँ, तुलसी विवाह में तुलसी जी को दुल्हन की तरह लाल चुनरी और आभूषणों से सजाकर बाकायदा कन्यादान और चार मंगल फेरे करवाए जाते हैं।

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